टीचर-टीचर सेक्स कहानी

मेरे संस्थान में एक नई टीचर आई। वह गदराए-गठीले बदन की अविवाहिता लड़की थी। मैंने उससे दोस्ती कर ली और अब उसकी चूत का मज़ा लेने के इरादे से आगे बढ़ रहा था।

चूत और लंड प्रेमियों! जय की तरफ से आप सबको नमस्कार।

वैसे तो मैंने पहले भी कई बार चुदाई की है, लेकिन यह चुदाई मेरी ज़िंदगी की सबसे यादगार चुदाइयों में से एक बन गई।

साल २०२१ में जिस संस्थान में मैं पढ़ाता था, वहाँ फिजिक्स के टीचर की सरकारी नौकरी लग गई। पोस्ट खाली हो गई। काफी दिनों तक ढूँढने के बाद एक युवा लड़की का सिलेक्शन हुआ—नाम था शमा।

शमा लगभग २४ साल की थी। गदराया-गठीला बदन, ३४सी बूब्स और करीब ३६ की गांड। जो भी उसे प्यार भरी नज़र से देखता, उसका लंड जरूर दुआ देता होगा।

मेरा नाम जय है। उस समय मेरी उम्र २८ साल थी। मेरा लंड ६ इंच का है (बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बता रहा), लेकिन आगे का हिस्सा काफी मोटा है।

कहानी तब शुरू हुई जब शमा संस्थान में दो-चार दिन आने के बाद एक दिन स्टाफ मीटिंग रखी गई। मीटिंग के बाद बाहर निकले तो हल्की बारिश हो रही थी। मालिक ने कहा—“सर, शमा मैम को भी अपने साथ ले जाइए।” मैंने हाँ कह दी।

उस दिन शमा मेरे साथ आई। वह किराए के कमरे में रहती थी। मैंने उसे उसके रूम के पास छोड़ दिया। जाते-जाते उसने नंबर एक्सचेंज कर लिया। रात को थैंक यू मैसेज आया। उस दिन कुछ खास नहीं हुआ।

धीरे-धीरे बातें बढ़ने लगीं। मैंने उसे बता दिया कि मैं रिलेशनशिप में हूँ, लेकिन उसके साथ आना-जाना अच्छा लगता है और अट्रैक्शन भी है। कई बार पूछा कि वह रिलेशन में है या नहीं, लेकिन उसने कभी साफ नहीं बताया। बातें और गहरी हो गईं और धीरे-धीरे सेक्स की बातें भी शुरू हो गईं।

फरवरी २०२२ तक हमारा रोमांस मैसेज और इंस्टा पर चरम पर पहुँच गया था। एक-दूसरे को रोमांटिक रील्स भेजते थे, हालाँकि किसी ने खुलेआम प्यार का इज़हार नहीं किया था।

एक बार मैं शादी में दो-तीन दिन घर चला गया। उस दौरान वह बहुत तड़पती थी। एक-दो बार नहाते हुए वीडियो कॉल भी किया।

२ फरवरी को मैंने शाम को एक रील भेजी। उस दिन उसका बॉयफ्रेंड उसके पास था। रील देखते ही उसने गुस्से में फोन किया—“कौन मादरचोद है तू! आगे से मैसेज मत करना।”

उस दिन के बाद मैंने मैसेज-कॉल बंद कर दिए। क्लास में भी बात नहीं की। जानकारी मिली कि उसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़ने-लेने आता था और रात ८-९ बजे तक उसके पास रहता था।

उन्हीं दिनों मैंने नई थार ले ली। उसे थार पसंद थी। गाड़ी लेने के ५-६ दिन बाद एक रात उसने कॉल किया—“मेरे बॉयफ्रेंड हैं। मैं बता नहीं पाई, मेरी गलती है। लेकिन आप मुझे पसंद हो। आपके बिना बात किए नहीं रह सकती। अब जो होगा देखा जाएगा।”

उसके बाद वह मेरे साथ ही कोचिंग से आने-जाने लगी। गाड़ी में प्राइवेट स्पेस होने से टच शुरू हो गया। वह पूरे रास्ते हाथ पकड़ती थी।

एक छुट्टी के दिन मूवी का प्लान बना। मूवी देखते-देखते वह मेरे कंधे पर सिर रखकर सो गई। मैंने उसके पैर मसलते हुए चूत पर हाथ फिराया। उसने हटा दिया, लेकिन फिर अपना हाथ पकड़कर मेरा और अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया। थोड़ी देर महसूस करने के बाद दोनों की साँस तेज़ हो गई। किस के करीब आए तो वह अचानक दूर मुँह फेरकर घबराई हुई सी हो गई। हम मूवी बीच में छोड़कर आ गए। मैंने सॉरी कहकर उसे घर छोड़ दिया।

रात को उसने कॉल किया—“क्या हुआ, नाराज़ हो?”
मैंने कहा—“मैं भी अट्रैक्टेड हूँ, लेकिन आपकी मर्ज़ी से ही सब करना चाहता हूँ।”
उसने जवाब दिया—“आज तक नहीं बोली, लेकिन आज बोल रही हूँ—मैं आपसे चुदना चाहती हूँ। तुम्हारा मोटा आगे वाला हिस्सा और देसी बॉडी देखकर लगता है कि आज तक बॉयफ्रेंड से जितना संतुष्ट नहीं हुई, उससे बेहतर तुम करोगे। यही सोचकर जब तुम्हारे साथ होती हूँ तो मेरी चूत गीली रहती है।”

इतना खुलकर सुनकर मैं पूरा मूड में आ गया, लेकिन कंट्रोल करते हुए वादा किया—“जिस दिन तुम खुद लंड को अपनी चूत पर हाथ से सेट करोगी, उसी दिन झटका मारूँगा। उसके बाद जब तक चाहोगी, यादगार चुदाई करूँगा और जितना तुमने सोचा है उससे बेहतर संतुष्ट करूँगा।”

मई आ गया। हमने जयपुर दो दिन घूमने का प्लान बनाया। ९ मई २०२२ को बस से रवाना हुए। रास्ते में होटल बुक किया। रूम शानदार था, बाथरूम और भी। रूम में जाते ही हग किया। वह बोली—“सब सपना सा लग रहा है।”

धूप तेज़ थी। नहाने का सोचा। उसने पहले नहाने कहा। बाथरूम में मिक्सर टैप समझ नहीं आई तो आवाज़ लगाई। मैं अंदर गया। वह टू-पीस में थी। शावर ऑन करते ही पानी छूट गया। मैं भीगने से बचने के लिए साइड हुआ तो उसने हाथ पकड़कर खींच लिया। “कपड़े भीग रहे हैं!”
“खोल दो तो!”

मैंने कपड़े उतार दिए, सिर्फ अंडरवियर में उसके साथ नहाने लगा। पास आए, पहली बार किस हुई—जैसे सदियों से प्यासे हों। पानी गिर रहा था, बॉडी आग उगल रही थी। मैंने बूब्स दबाने शुरू किए, ब्रा खोल दी। पहली बार उसके मोटे-जूसी बूब्स फ्री देखे। निपल चूसने लगा। पैंटी में हाथ लगाया तो उसने मना कर दिया। मैं अंदर ही अंदर रह गया—सोचा रात को शायद लंड लेगी।

नहाने के बाद शॉपिंग करवाई, चोखी ढाणी घूमे। रात करीब १० बजे वापस आए। फिर साथ नहाने का फैसला हुआ। फिर वही गरम किस, ब्रा खोलना, बूब्स चूसना। इस बार उसने मेरा अंडरवियर खोल दिया, लंड पर साबुन लगाकर मसलने लगी। मैंने फिर चूत पर हाथ फिराया। उसने मना किया—“मेरी चूत अभी इतना मोटा लेने के लिए तैयार नहीं है। जैसे ही रेडी होगी, खुद तुम्हें ऊपर चड़वाऊँगी।”

बेड पर आए। मैंने बिना अंडरवियर शॉर्ट पहना, उसने बिना ब्रा टी-शर्ट और पैंटी-शॉर्ट। कंबल ओढ़कर हग और किस करते हुए सो गए।

रात को नींद खुली—मेरा लंड पूरी तरह टाइट। वह कपड़ों के ऊपर से ही अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ रही थी। मैंने किस शुरू कर दी। उसकी टी-शर्ट खोल दी। बूब्स आजाद हो गए। गले, कान, बूब्स पर किस करते हुए नीचे आया। उसने मुझे ऊपर खींचा, टाँगें खोल दीं। कपड़ों के ऊपर से लंड चूत पर रगड़ खा रहा था। मैं बूब्स चूस रहा था। उसने मेरे शॉर्ट का रबर नीचे खींचने का इशारा किया। मैं पूरा नंगा हो गया। अब सिर्फ पैंटी का कपड़ा बीच में था।

“फक मी! फक मी!” उसकी आवाज़ निकलने लगी।

मैंने पैंटी उतार दी। उसने टाँगें टाइट कर लीं, मैंने खोल दीं। फूली हुई चूत दिखी। मैं चाटने लगा—पहले ऊपर का हिस्सा, फिर थोड़ा खोलकर। पानी पहले ही छूटा हुआ था। उसकी आवाज़ें तेज़ होती गईं—“मत तड़पाओ! फक मी!”

उसने बाल पकड़कर चूत में दबाया और ऊपर आने का इशारा किया। जैसे ही मैं ऊपर हुआ, उसने खुद मेरे लंड का सिरा अपनी चूत पर सेट कर दिया और बोली—“धीरे मत करना! ले नहीं पाऊँगी! झटके से पूरा डाल दे!”

मैंने झटका मारा। वह तड़प उठी जैसे सील टूट रही हो। मैंने छोड़ नहीं—पूरा अंदर दबाए रखा, किस करता रहा। बीस सेकंड बाद एक और झटका, फिर एक और। अब नॉर्मल होने लगी। चुदाई शुरू हो गई। आगे-पीछे झटके। वह चिल्ला रही थी—“यस यू आर द बेस्ट बेबी! फक मी! फक मी!”

थोड़ी देर बाद घोड़ी बना लिया। पीछे से झटके। सामने दर्पण था—३४सी बूब्स और ३६ गांड की घोड़ी, हर झटके के साथ बूब्स हिल रहे थे। लगभग पाँच मिनट बाद वह पानी छोड़ चुकी थी। मेरा भी करीब था। जैसे ही निकलने वाला था, बताया। वह बोली—“बूब्स पर गिराना है! बाथरूम चलो।”

बाथरूम में वह घुटनों के बल बैठी। मैंने लंड हिलाते हुए उसके बूब्स पर पिचकारी मारी। उसने मुस्कुराकर लंड को किस किया, थोड़ा लिक्विड बूब्स पर मसला और पौंछ दिया। दोनों पूरी तरह संतुष्ट थे।

बेड पर आकर उसने कहा—“मुझे कोई पछतावा नहीं कि बॉयफ्रेंड होते हुए भी तुमसे चुदी। मम्मी की कसम, आज तक इतनी चुदाई, इतनी संतुष्टि और इतना मोटा-गोटा नहीं मिला। अब लग रहा है मेरा बॉयफ्रेंड तो गाँडू है साला! थैंक यू सो मच!”

उस ट्रिप के दौरान और आगे कई शहरों में हमने और चुदाई की।

आपको यह टीचर-टीचर सेक्स कहानी कैसी लगी? बताते रहना। कोई सुझाव हो तो जरूर देना।

By Admin

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